यूपी में RTE प्रवेश का संकट: 90 हजार बच्चे अब भी स्कूलों से बाहर, शिक्षा विभाग ने बढ़ाया एक सप्ताह का समय
RTE Admission Crisis in UP
लखनऊ। प्रदेश के निजी विद्यालयों में आरटीई एक्ट (निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत इस सत्र में चयनित बच्चों में से करीब 90 हजार बच्चे अभी प्रवेश से दूर हैंं।
कुल 1,95,750 बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए चुना गया था, लेकिन निर्धारित तिथि 15 अप्रैल तक सिर्फ लगभग 1.05 लाख बच्चों का ही प्रवेश हो सका। बाकी बच्चों के प्रवेश को पूरा कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने अब एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है।
सभी जिलों से रोजाना गूगल शीट के माध्यम से प्रवेश की रिपोर्ट ली जा रही है, ताकि प्रगति की लगातार निगरानी हो सके और कोई भी बच्चा छूटने न पाए। प्रवेश में देरी के पीछे कई कारण सामने आए हैं। कुछ जगहों से निजी स्कूलों द्वारा प्रवेश देने से मना करने की शिकायतें मिल रही हैं, जिस पर विभाग ने सख्ती दिखाते हुए संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।
वहीं, कई अभिभावकों ने मनपसंद स्कूल नहीं मिलने के कारण बच्चों का दाखिला नहीं कराया है। इस बार आरटीई के तहत 4,44,771 सीटों के लिए आवेदन किए गए थे, लेकिन इनमें से आधे से अधिक बच्चे आवेदन प्रक्रिया में ही बाहर रह गए।
जिन बच्चों का प्रवेश के लिए सीट आवंटन हुआ, उनमें भी अभी तक सभी का प्रवेश नहीं हो पाया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चयनित सूची के अनुसार शत प्रतिशत बच्चों का प्रवेश हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।